पुतिन के न्योते पर मोदी रूस यात्रा पर – आतंकवाद और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस की आधिकारिक यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं। मोदी की इस रूस यात्रा को बेहद खास माना जा रहा है। हालांकि पी॰एम॰ मोदी इससे पहले रूस की यात्रा कर चुके हैं। दरअसल, चौथी बार राष्ट्रपति चुने जाने के महज दो हफ्ते के अंदर व्लादिमीर पुतिन ने खुद पी॰एम॰ मोदी को न्योता दिया था। यही वजह है कि इस मुलाकात पर दुनिया भर की निगाहें भी टिकी होंगी। यहाँ दोनों नेताओं की अनौपचारिक शिखर बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के अलावा ईरान के साथ परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने पर खास तौर पर चर्चा होगी। अन्य कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की भी उम्मीद है।

रूस में भारत के राजदूत पंकज सारन ने बताया कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच यह बहुत अहम बैठक होगी। हर बैठक से यह बैठक इसलिए अलग है क्योंकि प्रेजिडेंट पुतिन ने पीएम मोदी चौथी बार राष्ट्रपति बनने के सिर्फ दो हफ्ते के बाद ही तमाम मुद्दों पर चर्चा के लिए न्योता दिया है। उन्होंने आगे कहा कि यह दोनों के बीच की केमिस्ट्री के लिए बहुत अच्छा मौका है।

सारन ने कहा, ‘दोनों नेता अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में एक-दूसरे की अर्थव्यवस्था और प्रभाव को बेहतर बनाने के लिए आपसी सहयोग पर चर्चा करेंगे। रूस के सोचि में होने वाले शिखर सम्मेलन में दोनों नेता मिलेंगे और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे।

आतंकवाद। राजदूत ने बताया कि द्विपक्षीय रिश्तों पर बातचीत के अलावा पीएम मोदी और पुतिन ईरान न्यूक्लियर डील से अमेरिका के अलग होने के बाद के प्रभावों पर भी चर्चा करेंगे। भारत और रूस दोनों ही आतंकवाद के पीड़ित हैं इसलिए दोनों पक्षों के बीच ISIS के खतरे और अफगानिस्तान-सीरिया की स्थिति पर भी चर्चा होगी।

परमाणु। सारन ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच तीसरी दुनिया देशों में परमाणु क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी बातचीत हो सकती है। बांग्लादेश में भारत रूपपुर परमाणु प्लांट बना रहा है। हम आशा करते हैं कि यहां रूसी और भारतीय एक्सपर्टीज एक हो पाएगी।’ बता दें कि इस साल पुतिन और पीएम मोदी की यह पहली बैठक होगी। हालांकि, इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई है।

मोदी ने रूस यात्रा पर रवाना होने की पहले रविवार शाम एक साथ कई ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ उनकी बातचीत द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊँचाई पर ले जाएगी। पहले रूसी भाषा और फिर अंग्रेजी में किए ट्वीट में उन्होंने कहा —

मुझे यकीन है कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार युक्त रणनीतिक भागीदारी और अधिक मजबूत होगी।

एक अन्य ट्वीट में मोदी ने रूस के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा

मैं सोचि के कल के अपने दौरे और राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी मुलाकात के प्रति आशान्वित हूं. उनसे मिलना मेरे लिये हमेशा सुखदायी रहा है।

पीएम मोदी का सोचि एयरपोर्ट पर रूस के टॉप अधिकारी स्वागत करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी पुतिन के रिजॉर्ट पर जाएँगे। बता दें कि सोचि रूस के लिए काफी अहम शहर माना जाता है।

इस बीच सूत्रों ने साफ किया कि भारत रूस के साथ अपने रक्षा सहयोग को निर्देशित करने की किसी अन्य देश को इजाजत कभी नहीं देगा। पुतिन और मोदी के बीच अनौपचारिक बैठक का मकसद दोनों देशों के बीच दोस्ती और आपसी विश्वास का इस्तेमाल कर वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर के अहम मुद्दों पर आम राय कायम करना है। इस दौरान दोनों नेता भारत रूस असैन्य परमाणु सहयोग को अन्य देशों तक आगे बढ़ाने पर भी चर्चा कर सकते हैं।

About सीमा संघोष ब्यूरो

View all posts by सीमा संघोष ब्यूरो →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *