भारत-नेपाल का संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास ‘सूर्य किरण-13’ शुरू

पिथौरागढ़ > भारत नेपाल के बीच द्विपक्षीय द्विवार्षिक सैन्य अभ्यास ‘सूर्य किरण – 13’ यहाँ सेना क्षेत्र में शुरू हो गया है। दोनों देशों के सैनिकों ने भव्य मार्चपास्ट के साथ युद्धाभ्सास का बिगुल बजाया। बुधवार को सैन्य छावनी स्थित भड़कटिया के मैदान में भारत नेपाल के सैनिकों के संयुक्त युद्धाभ्यास का शुभारंभ 119 स्वतंत्र ब्रिगेड के ब्रिगेडियर रंजन मलिक ने किया।उन्होंने इस दौरान कहा कि नेपाल हमारा मित्र राष्ट्र है। उसके साथ बेहतर सैन्य रिश्ते के साथ ही सैन्य क्षेत्र में आपसी समन्वय बनाये रखने एवं दैवीय आपदा के समय एक दूसरे की मदद किये जाने के लिए ‘सूर्य किरण’ का वर्ष में दो बार आयोजन किया जाता है।

यह सैन्य संयुक्त युद्धाभ्यास है जो बारी-बारी से भारत एवं नेपाल में आयोजित किया जाता है। भारतीय सेना द्वारा विभिन्न देशों के साथ आयोजित होने वाले सैन्य युद्धाभ्यासों की अपेक्षा नेपाल के साथ आयोजित होने वाला ‘सूर्य किरण’ युद्धाभ्यास, इसमें भाग लेने वाले सैनिकों की संख्या के लिहाज से सबसे बड़ा है। सैन्य अभ्यास के दौरान दोनों सेनाएं एक-दूसरे के हथियारों, उपकरणों, रणनीति, तकनीक, पर्वतीय इलाके में आतंकवाद विरोधी माहौल में काम करने की प्रक्रियाओं से परिचित होंगे। खास बात यह है कि सैन्य अभ्यास के समापन से पहले 72 घंटे का कड़ा आतंकवाद विरोधी प्रदर्शन भी होगा। अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं भी कराई जाती हैं।

उन्होंने कहा यह युद्धाभ्यास दोनों देशों के जवानों में युद्धकौशल के साथ आपसी बंधुत्व भाव को कायम करेगा। ब्रिगेडियर मलिक ने कहा युद्धाभ्यास में सैनिकों को अनुशासन के साथ भाग लेना होगा। युद्धाभ्यास के लिए संयुक्त मैत्री द्वार बनाया गया। जिसमें एक तरफ भारत और दूसरी तरफ नेपाल के ध्वज को लगाया गया है। इस युद्धाभ्यास में दोनों देशों के 150-150 (कुल 300) सैनिक भाग ले रहे हैं। सोमवार सायं कर्नल रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में नेपाल सेना के 150 सैनिकों की टुकड़ी पिथौरागढ़ स्थित सेना मुख्यालय पहुँची। नेपाली सेना के यहाँ पहुँचने पर भारतीय सैनिकों ने जोरदार खैरमकदम किया। युद्धाभ्यास 12 जून को समाप्त होगा।

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