पंजाब और असम में आतंक को ‘पुनर्जीवित’ करने के लिये हो रहे हैं प्रयास : सेना प्रमुख

सेना और पुलिस के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुये बिपिन रावत ने भारत विरोधी विदेशी ताकतों से किया सचेत

नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित एक सेमिनार में सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि पंजाब और असम को पुनः आतंक और उग्रवाद की आग में झोंकने का प्रयास हो रहा है।

सेना प्रमुख शनिवार को ‘‘भारत में आंतरिक सुरक्षा की बदलती रूपरेखा: रुझान और प्रतिक्रियाएं” विषय पर आयोजित इस सेमिनार में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, रक्षा विशेषज्ञों, सरकार के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस के पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

विदेशी ताकतोंं के षड़यंत्रों से सावधान करते हुये सेना प्रमुख ने कहा कि एेसी देश विरोधी किसी भी चाल को शीघ्र पहचान कर उसे रोकने के लिये कठोरता के साथ चालाकी भरे कदम उठाये जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि दोनों ही राज्यों में जारी देश विरोधी गतिविधियों में लगने वाला पैसा और दिमाग, दोनों ही विदेशी है, देर होने से पूर्व निर्णायक कदम उठाये जाने की आवश्यकता है।

सेना प्रमुख ने कहा कि यदि उग्रवाद को जड़ से खत्म करना है तो इसके लिये बंदूक के बल की नहीं बल्कि एक दूरदर्शी वैचारिक योजना की आवश्यकता है जिसमें सभी एजेंसियां, सरकार, नागरिक, प्रशासन, सेना और पुलिस एकीकृत होकर से काम करें।

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