देश के सपूतों को नम आँखों से विदाई

कर्नल संतोष बाबू ने हिंसक झड़प से एक दिन पहले ही अपनी मां से फोन पर बात की थी। उनकी मां ने अपने इकलौते बेटे के साथ आखिरी फोन कॉल को याद करते हुए बताया कि कर्नल संतोष बाबू बॉर्डर पर चल रहे तनाव को लेकर परेशान थे। कर्नल संतोष का हैदराबाद ट्रांसफर होना था, लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से इसमें देरी हो रही थी।


रविवार की शाम को संतोष बाबू ने अपनी मां से आखिरी बार बात की थी। इस आखिरी कॉल में उन्होंने सीमा तनाव पर चिंता जताई थी, साथ ही कहा था कि वह इस बारे में उनसे बात नहीं कर सकते क्योंकि यह संवेदनशील मामला है। उनके पिता ने बताया कि मैंने उसे (संतोष बाबू) ध्यान रखने को कहा था।

संतोष बाबू के पिता बैंक में काम करते थे। उन्होंने कहा, मैं चाहता था कि मेरा बेटा सेना में शामिल होकर देश की सेवा करे, जो मैं कभी नहीं कर सका। लेकिन मेरे रिश्तेदारों ने मेरे इस विचार का विरोध किया था।

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