जानें, किस वजह से चीन के पीएम ने रॉ के संस्थापक काव को किया था सम्मानित

जानें, किस वजह से चीन के पीएम ने रॉ के संस्थापक काव को किया था सम्मानित

रॉ के संस्थापक और इंटेलिजेंस ब्यूरो के सहायक निदेशक दिवंगत रामेश्वरनाथ काव अपनी ख़ुफ़िया अभियान के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते थे। उनकी गिनती तत्काल समय में दुनिया के पांच प्रमुख जासूसों में की जाती थी। एक बार स्वंय फ्रांस ने इस बात की स्वीकारा था कि काव वाकई में प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं, जिन्हें जासूसी में ईश्वर का वरदान प्राप्त है। कई बार उन्हें उनके सराहनीय कदम के लिए सम्मानित भी किया गया। साथ ही पड़ोसी देश चीन के पीएम ने भी उन्हें एक बार सम्मानित किया था। अगर आपको नहीं पता है तो आइए जानते हैं-

बात 1955 की है। जब चीन ने एयर इंडिया के एक विमान की सेवा ली। यह विमान हांगकांग से जकार्ता की दूरी तय करने वाली थी। इस विमान ने तय समय पर अपनी उड़ान भरी। इस विमान से चीन के तत्कालीन पीएम चू एन लाई बांडुंग भी यात्रा करने वाले थे जो बांडुंग सम्मेलन में शिरकत करने जा रहे थे। हालांकि, एपेंडेसाइसटिस की वजह से उन्होंने यह यात्रा टाल दी। इसके बाद विमान हांगकांग से उड़ने के बाद इंडोनेशिया में दुर्घटना का शिकार हो गया। इस विमान में सवार सभी लोग मारे गए थे, जिनमें चीन के अधिक अधिकारी थे।

इस दुर्घटना की जांच काव को दी गई जो कि इंटेलिजेंस ब्यूरो के सहायक निदेशक थे। उन्होंने इस दुर्घटना की जांच की। इसके परिणाम चौकाने वाला था। इस रिपोर्ट के अनुसार, विमान क्रैश के पीछे ताइवान का हाथ था। ताइवान की ख़ुफ़िया एजेंसी ने यह साजिश रची थी, जिसमें चीन के तत्कालीन प्रधानमंत्री भी शामिल हो सकते थे। चीन के पीएम चू एन लाई काव की रिपोर्ट से बेहद खुश हुए और उन्होंने एक बार काव को अपनी ऑफिस बुलाकर धन्यवाद कहा था। इसके साथ ही उन्होंने काव को सील भेंट की थी जो काव ऑफिस में अपनी मेज पर रखते थे।

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